Monday, January 12, 2015

तो ज़िंदा हो तुम

दिलों में तुम अपनी बेताबियाँ लेके चल रहे हो, तो ज़िंदा हो तुम
नज़र में ख़्वाबों की बिजलियाँ लेके चल रहे हो, तो ज़िंदा हो तुम
हवा के झोकों के जैसे आज़ाद रहनो सीखो
तुम एक दरिया के जैसे लहरों में बहना सीखो
हर एक लम्हे से तुम मिलो खोले अपनी बाहें
हर एक पल एक नया समाँ देखिए
जो अपनी आँखों में हैरानीयाँ लेके चल रहे हो, तो ज़िंदा हो तुम
दिलों में तुम अपनी बेताबियाँ लेके चल रहे हो, तो ज़िंदा हो तुम

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